अंतरराष्ट्रीय श्री रेणुका जी मेले के आयोजन को लेकर सिरमौर में नया विवाद खड़ा हो गया है। मेले के नाम पर पंचायत प्रधानों से 2-2 हजार रुपये जमा करवाने की मांग पर कालाअंब ग्राम पंचायत के प्रधान यशपाल शर्मा ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इस व्यवस्था को अनुचित बताते हुए जिला प्रशासन और श्री रेणुका जी विकास बोर्ड के समक्ष कई गंभीर सवाल उठाए हैं।
नाहन में मीडिया से बातचीत करते हुए यशपाल शर्मा ने कहा कि पंचायत प्रधानों से मेले के आयोजन के लिए आर्थिक सहयोग मांगना उचित नहीं है। पंचायतों के पास पहले ही अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों और जनकल्याण से जुड़ी कई जिम्मेदारियां हैं। ऐसे में उनसे मेले के लिए अलग से धनराशि मांगना कहां तक उचित है?
यशपाल शर्मा के अनुसार, बीडीओ कार्यालय की ओर से पंचायत प्रधानों को दो-दो हजार रुपये जमा करवाने संबंधी निर्देश दिए गए थे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पंचायतों पर इस राशि को जमा करवाने का दबाव बनाया गया तो पंचायत प्रतिनिधियों के साथ मिलकर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
स्थानीय कलाकारों को मिले मंच, फिजूलखर्ची पर लगे रोक
यशपाल शर्मा ने मेले में बाहरी राज्यों के कलाकारों पर होने वाले खर्च पर भी सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि स्थानीय हिमाचली कलाकारों को अधिक अवसर दिए जाएं, ताकि क्षेत्र की प्रतिभाओं को मंच मिलने के साथ आयोजन पर होने वाले खर्च में भी बचत हो सके।
उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब की इकाइयों को भी चंदे के नाम पर परेशान नहीं करने की मांग उठाई।
इस पर एसडीएम नाहन ने स्पष्ट किया है कि पंचायत प्रधानों से किसी तरह की राशि नहीं ली जा रही है। बीडीओ कार्यालय की ओर से राशि जमा करवाने संबंधी जारी पत्र को वापस ले लिया गया है।
गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय श्री रेणुका जी मेला 19 से 24 नवंबर तक आयोजित होना है। अब पंचायतों से आर्थिक सहयोग मांगने का यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
