2 घंटे बाद अभाविप कार्यकर्ताओं ने खुद खोला ताला
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) नाहन इकाई द्वारा हिमाचल प्रदेश के विद्यार्थियों से जुड़ी प्रदेश स्तरीय मांगों को लेकर मंगलवार को परिसर में तालाबंदी की गई। इस दौरान उन्होंने अपना विरोध प्रदर्शन किया और 2 घंटे के बाद ताला खोला गया। प्रदर्शन के माध्यम से अभाविप कार्यकर्ताओं एवं विद्यार्थियों ने प्रदेश सरकार तथा विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रहित में तत्काल आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
धरना-प्रदर्शन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सिरमौर के संगठन मंत्री भागमल जी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
अभाविप ने प्रदेश में विद्यार्थियों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा फीस में की गई 25 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि विद्यार्थी वर्ग के हित में नहीं है। फीस वृद्धि के कारण विशेष रूप से सामान्य एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा। शिक्षा प्रत्येक विद्यार्थी का अधिकार है और शिक्षा को लगातार महंगा करना विद्यार्थियों के हितों के साथ अन्याय है।
संगठन मंत्री भागमल जी ने कहा, फीस वृद्धि वापस होने तक अभाविप विद्यार्थियों की आवाज बुलंद करती रहेगी।”
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा फीस में 25 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि करना विद्यार्थी हितों के साथ न्याय नहीं है। प्रदेश के हजारों विद्यार्थी सामान्य एवं मध्यमवर्गीय परिवारों से आते हैं। पहले से ही शिक्षा, आवास और अन्य आवश्यक खर्चों का बोझ विद्यार्थियों एवं उनके परिवारों पर है। ऐसे में फीस वृद्धि कर उन पर अतिरिक्त आर्थिक भार डालना उचित नहीं है। अभाविप इस निर्णय का स्पष्ट रूप से विरोध करती है और मांग करती है कि फीस वृद्धि को तत्काल वापस लिया जाए।
अभाविप नाहन इकाई के उपाध्यक्ष रमन शर्मा ने कहा, विद्यार्थी लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। छात्र संघ चुनाव विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं को लोकतांत्रिक तरीके से उठाने और नेतृत्व विकसित करने का अवसर देते हैं। लंबे समय से छात्र संघ चुनावों का न होना विद्यार्थियों की लोकतांत्रिक भागीदारी को प्रभावित कर रहा है। सरकार एवं विश्वविद्यालय प्रशासन को विद्यार्थियों की आवाज सुनते हुए छात्र संघ चुनाव तत्काल बहाल करने चाहिए। यदि विद्यार्थियों की इन जायज मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो अभाविप आंदोलन को और व्यापक रूप देगी। अभाविप की प्रमुख मांगें
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा की गई 25 से 30 प्रतिशत फीस वृद्धि को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। प्रदेश के महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव तत्काल बहाल किए जाएं।
अभाविप नाहन इकाई ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। फीस वृद्धि जैसे निर्णयों पर पुनर्विचार करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रहित में सकारात्मक निर्णय लेना होगा। विद्यार्थी केवल फीस भरने वाले नहीं, बल्कि प्रदेश और देश के भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले युवा हैं।
अभाविप ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विद्यार्थियों की जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद चरणबद्ध एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपने आंदोलन को आगे बढ़ाएगी।धरना-प्रदर्शन में अभाविप नाहन इकाई के कार्यकर्ताओं एवं अन्य विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और फीस वृद्धि वापस लेने सहित छात्रहित की अन्य मांगों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की।
