सिरमौर के गिरिपार के हाटी समुदाय को कानूनी रूप से अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा तो मिल चुका है, लेकिन इसका लाभ अभी तक लोगों तक नहीं पहुँच पाया है। इस मुद्दे को तार्किक अंत तक पहुँचाने के लिए शिमला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस की मुख्य बातें: हाटी समुदाय के सभी संगठनों को मिलाकर गैर-राजनीतिक ‘संयुक्त हाटी संघर्ष समिति’ का गठन किया गया।साझा खुमली: जल्द ही एक महा-खुमली (पारंपरिक महापंचायत) की तारीख और जगह का ऐलान होगा, जहाँ अगली रणनीति तय होगी।400 गांवों में संगठन: गिरिपार की 160 से अधिक पंचायतों और 400 गांवों में समिति की इकाइयाँ गठित की जाएँगी।
सरकार से मांग: संसद से पारित कानून को तुरंत लागू किया जाए और कोर्ट में लंबित मामले की केंद्र व राज्य सरकार मजबूती से पैरवी करें। प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रमुख समाजसेवी हरी राम शास्त्री, डॉ. अनिल शर्मा, प्रदीप सिंगटा, बलवीर राणा, कुलदीप ठाकुर, अधिवक्ता बीएन भारद्वाज, अधिवक्ता श्याम चौहान सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे