हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल श्री कविंद्र गुप्ता ने कहा कि जनगणना लोकतंत्र की आधारशिला है। इसके माध्यम से प्राप्त आंकड़े देश और प्रदेश की नीतियों, विकास कार्यों तथा कल्याणकारी योजनाओं के निर्माण का आधार बनते हैं।उन्होंने कहा कि आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, संसाधनों के वितरण और शहरी योजना जैसे अनेक क्षेत्रों में जनगणना की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। राज्यपाल ने आज जनगणना कार्य निदेशालय हिमाचल प्रदेश के स्व गणना अभियान का शुभारंभ करते हुए यह संदेश दिया।
राज्य की जनता के नाम इस संदेश में राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश, हमारे देश का एक सुंदर पहाड़ी राज्य है जोकि इस प्रक्रिया में विशेष महत्व रखता है। आपकी दी गई सही जानकारी न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश के विकास की दिशा तय करने में मदद करेगी।
राज्यपाल ने बताया कि जनगणना 2027 पहली बार डिजिटल माध्यम से आयोजित की जा रही है, जिससे प्रक्रिया अधिक सरल, त्वरित और पारदर्शी बनेगी। इस बार स्व-गणना की सुविधा भी उपलब्ध है। स्व-गणना के अंतर्गत आमजन 01 जून से 15 जून 2026 के बीच स्व-गणना पोर्टल (se.census.gov.in) पर लॉग-इन कर घर बैठे अपनी जानकारी स्वयं ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। प्रक्रिया पूर्ण होने पर एक स्व-गणना आईडी प्राप्त होगी, जिसे घर आने वाले प्रगणक के साथ साझा करना होगा। सभी प्रदेशवासी जनगणना 2027 के इस महत्वपूर्ण कार्य में सक्रिय रूप से भाग लें।
प्रदेश में प्रथम चरण 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक घर-घर जाकर किया जाएगा। इस दौरान प्रगणक मोबाइल ऐप के माध्यम से परिवार के मुखिया का नाम, मकान की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं तथा परिसंपत्तियों से संबंधित 33 अधिसूचित प्रश्नों की जानकारी एकत्रित करेंगे। इसमें आपके द्वारा दी गई सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। सही और पूर्ण जानकारी प्रदान करें तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि आइए, हम सभी मिलकर इस राष्ट्रीय कार्य को सफल बनाएं और एक सशक्त, समावेशी एवं विकसित प्रदेश के निर्माण में अपना योगदान दें। हमारी जनगणना, हमारा विकास।


