हिमाचल ऑन सेल की फितरत से बाज नहीं आ रही है सुक्खू सरकार : जयराम ठाकुर

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शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार हिमाचल ऑन सेल की अपनी फितरत से बाज नहीं आ रही है और आए दिन हिमाचल प्रदेश को बेचने के रास्ते तलाशती रहती है। अब सरकार शीतलपुर में 3485 बीघा ज़मीन में टाउनशिप के नाम पर प्रदेश की ज़मीन अपने करीबी कारोबारियों और मित्रों को देने की योजना बना रही है। इसे बकायदा बीते कल कैबिनेट से भी स्वीकृत दे दी है। इसमें सरकार की योजना बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की है। इस योजना के अंतर्गत आने वाली कुल ज़मीन की क़ीमत सर्कल रेट के हिसाब से 754 करोड़ रुपए के आस पास आंकी गई है, जबकि चंडीगढ़ के पास होने के कारण इस ज़मीन का बाज़ार मूल्य पाँच हज़ार करोड़ रुपए से ज़्यादा की है। इस ज़मीन पर सरकार की नज़र है। जिसके लिए सरकार बड़े खेल की तैयारी कर रही है। जिस बीबीएन क्षेत्र की ज़मीन और जंगल पर सरकार यह टाउनशिप बनाकर अपने मित्रों को सौंपने की योजना बना रही है उसका बीबीएन क्षेत्र के पारिस्थितिकी संतुलन में बहुत योगदान है। उस जगह को छेड़ना प्रदेश के पारिस्थितिकी तंत्र को भी नुकसान पहुँचाएगा।

जयराम ठाकुर ने कहा कि इसी तरह से जिला सिरमौर के पच्छाद विधानसभा के अंतर्गत आने वाले मोरनी हिल्स के माहोल जनोट पंचायत में 134 बीघा में टाउनशिप के नाम पर बड़ा खेल हो रहा है। यह ज़मीन पहले हिमुडा और बाद में बड़े बिल्डर्स को देने की तैयारी में हैं। इसी तरह की योजना सरकार शीतलपुर में भी बना रही है। जहाँ पर अभी से प्रशासन द्वारा पंचायतों के प्रतिनिधियों को ज़मीन देने के लिए एनओसी देने के लिए तमाम तरह से डरा धमकाकर उन पर दबाव बनाया जा रहा है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। एनओसी देने के लिए दबाव बनाने का क्या औचित्य हैं? इस सरकार की हर योजना में भ्रष्टाचार के रास्ते बना लिए जाते हैं। जिसमें ऊपर से नीचे तक सब के सब शामिल होते हैं।

जयराम ठाकुर ने कहा कि यह सरकार अपने पहले दिन से ही हिमाचल ऑन सेल के मिशन पर काम कर रही है। सत्ता में आने के साथ ही हिमाचल टूरिज्म के होटल को निजी हाथों में देने की योजना बनाई फिर प्रदेश के अन्य संसाधनों और मेडिकल डिवाइसेज पार्क की ज़मीन को बेचने में जुटी। पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय की 112 हेक्टेयर ज़मीन बेच दी। जिसे माननीय न्यायालय ने रोका। हिमाचल और हिमाचलियत की आत्मा कहे जाने वाली धारा 118 में कई बार संशोधन करके उसमें चोर दरवाज़े खोल दिए। पॉवर प्रोजेक्ट्स और औद्योगिक क्षेत्रों के बाहर उद्योगों लगाने के नाम पर ज़मीन देने का खेल अलग से चल रहा है। जिसे पूरे देश ने देखा कि किस तरह से लोग धारा 118 में छूट दिलवाने की ठेकेदारी करके पैसे वसूल रहे थे। अब टाउनशिप के नाम पर बड़ा खेल शुरू हो गया और और हजारों करोड़ की जमीनें अपने चहेतों में बंदरबांट करने का रास्ता खोल रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा विकास की विरोधी नहीं लेकिन सुक्खू सरकार की हर योजना घोटाले को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं। जहां सरकार की मंशा विकास के नाम पर राज्य के संसाधनों की लूट करना और मित्र मंडली को लाभ पहुंचाने तक ही सीमित होती है।