अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की बैठक आयोजित

अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत सिरमौर जिला में वर्ष 2022 से 2025 तक कुल 74 मामलों में 91 पीड़ित व्यक्तियों को 78 लाख 95 हजार रूपये की राहत राशी प्रदान कि गई। यह जानकारी अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एल.आर.वर्मा ने उपायुक्त कार्यालय सभागार में आयोजित जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।
उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के लोगों के साथ किसी भी प्रकार के अत्याचार के मामलों को गंभीरतापूर्वक लेने की आवश्यकता है तथा राहत राशि पीड़ित व्यक्ति को नियमानुसार शीघ्र प्रदान की जानी चाहिए।
         उन्होंने कहा कि अधिनियम के अनुरूप वर्ष 2025 में अब तक 22 पीड़ित मामलों के पक्ष में 18 लाख, 25 हजार रुपये की राहत राशि जारी की गई है। उन्होंने पुलिस को विभिन्न थानों में पंजीकृत होने वाले अत्याचार के मामलों की मासिक रिपोर्ट के साथ एफ.आई.आर. तथा मेडिकल की रिपोर्ट भी जिला कल्याण अधिकारी को सौंपने को कहा।
प्रधानमंत्री नया- 15- सूत्रीय कार्यक्रम बैठक
  इसके उपरांत एल.आर.वर्मा ने अल्पसंख्यकों के लिये प्रधानमंत्री नया-15 सूत्रीय कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि जिला सिरमौर की कुल जनसंख्या 5 लाख 29 हजार 855 है, जिसमें अल्पसंख्यक वर्ग की कुल जनसंख्या 53 हजार 25 है, जो कि कुल जनसंख्या का लगभग 10.01 प्रतिशत है।  
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी ने बताया कि जिला एवं तहसील कल्याण  कार्यालयों के माध्यम से पात्र एवं इच्छुक लाभार्थियों को आर्थिक क्रियाकलापों के लिए अधिवृद्धित ऋण सहायता प्रदान की जा रही है। इस वित वर्ष के दौरान 01 सितंबर से 30 नवंबर, 2025 तक जिले के 11 लाभार्थियों को 56 लाख की राशि ऋण के रूप में प्रदान की जा चुकी है।  
बैठक में गुर्जर समुदाय के बच्चों हेतु कटापत्थर तथा छल्लूवाला में चल रहे विशेष विद्यालय के भवनों के निर्माण के लिए गैर सरकारी सदस्यों को भूमि चयनित करने के लिए कहा गया।
बैठक में बताया गया कि अल्पसंख्यक समुदायों के मेधावी विद्यार्थियों के लिए छात्रवृति योजना शिक्षा विभाग के माध्यम से क्रियान्वित की जा रही है। शिक्षा विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि उनके अधीनस्थ समस्त विद्यालय को इस बारे निर्देश दिये गए है कि अल्पसंख्यक समुदाय के किसी भी पात्र छात्र एवं छात्रा के आवेदन न होने की स्थिति में विद्यालय प्रमुख को उत्तरदायी माना जाएगा।
इसके उपरांत अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी ने जिला स्तरीय दिव्यांगता समिति तथा स्थानीय स्तरीय समिति बैठक की अध्यक्षता भी की। दिव्यांगता समिति की बैठक के दौरान गैर सरकारी सदस्यों द्वारा दिव्यांगजनों हेतु हिमाचल पथ परिवहन की बसों में आरक्षित सीटों बारे पूछे गए सवाल पर पथ परिवहन द्वारा अवगत कराया गया कि इस आशय से संबंधित निर्देश जारी कर दिए गए है तथा इस प्रकार की स्थिति में क्षेत्रीय प्रबंधक के मोबाइल पर भी शिकायत की जा सकती है।
जिला कल्याण अधिकारी एवं समितियों के सदस्य सचिव विवेक अरोड़ा ने बैठकों का संचालन किया।
बैठक में जिला अटार्नी चंपा सुरेल, उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय रमा कांत ठाकुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी पवन कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी तथा समितियों के गैर सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।

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