विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम 2026 का द्वितीय चरण 14 जून 2026 को आईटीबीपी बेस कैंप, रिकांग पिओ में प्रारंभ हुआ। इस कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) द्वारा परिवहन, आवास, भोजन तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया जा रहा है।द्वितीय चरण के प्रथम दिवस पर देश के विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों जैसे त्रिपुरा, नागालैंड, केरल, उत्तराखंड एवं लद्दाख से आए 66 प्रतिभागियों का आईटीबीपी बेस कैंप में पारंपरिक खातक एवं किन्नौरी टोपी पहनाकर भव्य स्वागत किया गया। यह स्वागत हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का परिचायक रहा।
सभी प्रतिभागियों को कार्यक्रम किट वितरित की गईं। सायंकाल आयोजित परिचय एवं अभिमुखीकरण सत्र में प्रतिभागियों को कार्यक्रम के उद्देश्यों, सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों तथा कार्यक्रम के दौरान पालन किए जाने वाले आवश्यक नियमों एवं सावधानियों की जानकारी दी गई। इस अवसर पर 17वीं वाहिनी आईटीबीपी के उप कमांडेंट श्री वीरेंद्र सिंह तथा माई भारत हिमाचल प्रदेश के राज्य निदेशक श्री ध्रुव डोगरा ने प्रतिभागियों को संबोधित किया।
प्रतिभागी आगामी तीन दिनों तक रिकांग पिओ में उच्च हिमालयी क्षेत्र की परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को अनुकूलित (Acclimatize) करेंगे। इसके पश्चात उन्हें किन्नौर, लाहौल एवं स्पीति जिलों के विभिन्न चयनित गांवों में भेजा जाएगा, जहां वे स्थानीय समुदायों के साथ संवाद, सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों में भाग लेंगे।विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाना, सांस्कृतिक एकता को सुदृढ़ करना, स्थानीय परंपराओं एवं जीवन शैली को समझना तथा विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प को साकार करना है।

