नए साल में हिमाचल प्रदेश सरकार ने बीपीएल यानी Below Poverty Line सूची को लेकर बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। अब प्रदेश में ऐसे परिवारों को भी बीपीएल श्रेणी में शामिल किया जाएगा, जिनकी सालाना आय 50 हजार रुपये तक है, भले ही उनके पास रहने के लिए पक्का मकान क्यों न हो।
चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है सर्वे
सरकार इस समय बीपीएल सूची को अपडेट करने के लिए दूसरे चरण का सर्वे कर रही है, जिसमें अब तक 35,355 अतिरिक्त परिवारों को अति निर्धन श्रेणी में जोड़ा जा चुका है। इसके साथ ही प्रदेश में अति निर्धन परिवारों की कुल संख्या बढ़कर 63,070 हो गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि अति निर्धन परिवारों की पहचान के लिए यह सर्वे चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है।
पांचवें चरण में भी सर्वे किया जाएगा
पहले चरण में 27,715 परिवारों को शामिल किया गया था, जो पिछले करीब 20 वर्षों से आईआरडीपी में पंजीकृत थे, लेकिन आज तक उन्हें पक्का मकान नहीं मिल पाया था। उस समय आय सीमा 50 हजार रुपये तय की गई थी और पक्का मकान रखने वालों को शामिल नहीं किया गया था। दूसरे चरण में इस शर्त को शिथिल करते हुए पक्का मकान वाले गरीब परिवारों को भी सूची में जोड़ा गया है
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीसरे चरण में अनाथ, दिव्यांग और विधवा व्यक्तियों वाले परिवारों को निर्धन श्रेणी में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा चौथे और पांचवें चरण में भी सर्वे किया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र परिवार बीपीएल सूची से वंचित न रहे।
सरकार ने यह भी किया स्पष्ट
सरकार का उद्देश्य केवल मकान उपलब्ध करवाना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों को सम्मानजनक जीवन स्तर देना है। इसके लिए पेयजल, स्वच्छता और आजीविका के अवसरों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि आयकरदाता, 50 हजार रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले, एक हेक्टेयर से अधिक भूमि रखने वाले और सरकारी या निजी नौकरी में कार्यरत परिवार बीपीएल सूची के लिए पात्र नहीं होंगे।

